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खाने से कितनी देर पहले à¤à¤¿à¤—ोने चाहिठनटà¥à¤¸? जानें आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से
How To Eat Nuts As Per Ayurveda In Hindi: नटà¥à¤¸ यानि की काजू, बादाम, किशमिश का सेवन करना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माना जाता है।
फाइबर, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र नटà¥à¤¸ को खाना हर कोई पसंद करता है। सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤•, सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ और पोषक ततà¥à¤µ शरीर और मानसिक विकास में काफी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। नटà¥à¤¸ में विटामिन ई, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटेशियम, विटामिन बी, नियासिन, थायमिन à¤à¥€ पाया जाता है, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। अगर बात नटà¥à¤¸ की करें तो इसमें बादाम, किशमिश, काजू, पिसà¥à¤¤à¤¾, मूंगफली, अखरोट जैसे कई चीजें शामिल की जाती है। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं नटà¥à¤¸ को खाने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है?
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नटà¥à¤¸ का रोजाना सेवन करने से पहले कà¥à¤› बातों और नियमों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना जरूरी होता है। नटà¥à¤¸ के सेवन में इन नियमों की अनदेखी कई पà¥à¤°à¤•ार की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कारण बन सकती है। तो आइठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में नटà¥à¤¸ का सेवन करने के लिठकौन से नियम बनाà¤à¤‚ हैं जानते हैं à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से...
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में कà¥à¤¯à¤¾ है नटà¥à¤¸ खाने के नियम (Rules of eating nuts in Ayurveda)
नटà¥à¤¸ खाने में तो सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ होते है, लेकिन शरीर को इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाने में थोड़ा सा वकà¥à¤¤ लग सकता है। हेलà¥à¤¦à¥€ फैट, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फाइबर की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होने के कारण नटà¥à¤¸ काफी गरà¥à¤® होते हैं, जिसे पचाने के लिठशरीर को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करना पड़ता है।
कà¥à¤¯à¤¾ है नटà¥à¤¸ खाने का सही तरीका? (What is the right way to eat nuts?)
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° दीकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤° कहना है कि किसी à¤à¥€ नट को खाने से पहले से 6 से 8 घंटों के लिठपानी में à¤à¤¿à¤—ोकर रख देना चाहिà¤à¥¤ इससे नटà¥à¤¸ की गरà¥à¤®à¥€ कम हो जाती है। पानी में नटà¥à¤¸ को à¤à¤¿à¤—ोने से फाइटिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ निकल जाता है, जिससे शरीर को इसे जलà¥à¤¦à¥€ पचाने में मदद मिलती है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि अगर आप नटà¥à¤¸ को à¤à¤¿à¤—ोना à¤à¥‚ल जाते हैं तो कढ़ाई में इसे हलà¥à¤•ा सा घी डालकर à¤à¥‚न लें तब इसका सेवन करें।
कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाने चाहिठनटà¥à¤¸? (What amount of nuts should be eaten?)
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ का कहना है कि नटà¥à¤¸ का सेवन हमेशा सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट करना चाहिà¤à¥¤ आप चाहे तो शाम के नाशà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¥€ नटà¥à¤¸ का सेवन कर सकते हैं। कà¥à¤› दिनों तक इसका सेवन करने के बाद लोगों को इसकी कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग होने लगती है, à¤à¤¸à¥‡ में गैप लेते रहना जरूरी है। अब सवाल आता ही नटà¥à¤¸ का सेवन कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में करना चाहिà¤? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° दीकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤° का कहना है कि नटà¥à¤¸ का सेवन आपकी पाचन कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करता है। आप अगर नियमित तौर पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते हैं, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीते हैं तो दिन में à¤à¤• मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी à¤à¤° नटà¥à¤¸ का सेवन कर सकते हैं। अगर आपका डाइजेशन सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर है तो आप 4 से 5 बादाम, किशमिश या जो à¤à¥€ नट आपको पसंद है उसका सेवन दिन में à¤à¤• बार कर सकते हैं।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नटà¥à¤¸ खाने से कà¥à¤¯à¤¾ होता है? (What happens if you eat too many nuts?)
अगर पर à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नटà¥à¤¸ का सेवन करते हैं तो यह सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक हो सकता है। नटà¥à¤¸ को पचाना काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, इसका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करने से दसà¥à¤¤, कबà¥à¤œ, पेट में दरà¥à¤¦, उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। कà¥à¤› मामलों में नटà¥à¤¸ को खाने के बाद à¤à¥‚ख न लगने जैसी पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® का सामना करना पड़ सकता है।
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